यूपी बिहार के लोगो ने गुजरातियों की दी चेतावनी कि 24 घंटे के अंदर यूपी बिहार खाली कर दे

  • 62
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

यूपी, एमपी व बिहार के मज़दूरों के ख़िलाफ़ हो रही सामूहिक हिंसा को रोकने के लिए गुजरात सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। कुर्सी बचाने के लिए अपने-पराये और नफ़रत की राजनीति को जब बढ़ावा दिया जाता है तो समाज के शोषित-पीड़ित तबके के लोग ही किसी ना किसी रूप में इसका शिकार होते हैं।

बनारस में गुजरातियों की बड़ी तादात रहती है। दिलचस्प यह है कि अब वो गुजराती नही बनारसी हो गए हैं , यहां के गुजराती बनारसी बोलते हैं , बनारसी खाते पीते हैं, भांग भी छानते है पान भी चबाते हैं, वो हमारे लिए बनारसी है।मोदी जी भी बनारस के मेहमान है लेकिन वो माँ गंगा के कहने पर बुलाये गए हैं। ऐसे ही देश के और कई शहर हैं जहां गुजराती रहते है। पूर्वांचल की एक बड़ी आबादी गुजरात के औद्योगिक इलाकों में है। यहां यूपी बिहार में हमारे भाई चाचा लोग लालू, जगन्नाथ, मोलायम, माया की सरकार बनाते रहे तो उधर हम लोग नौकरी की तलाश में जाना पड़ गया। गलती हमसे नही हमारे घर वालों से हुई हमें तो पेट पर्दा चलाना था, कौन सा सरकार बनाते बिगड़ते थे तुम्हारे देश मे? ठाकरे बोला मुम्बई से जाओ, लेफ्टिनेंट बोला दिल्ली से जाओ, आसामी बोला यहां से भी जाओ, अब गुज्जु लोग हमे मारकर भगा रहे हो। यह साहस आया कहां से? यह साहस भी हमने दिया है।।यह जो देश की सत्ता दो गुजराती सेठों को सौंपी है न ,हमने सौंपी है, हमने सिंहासन पर बैठाया है लेकिन अब लात खा रहे हैं। मगर हाँ, जब बैठाया है तो उतारना भी जानते है – आवेश तिवारी 

गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमले को लेकर राजनीति चरम पर है। इन हमलों के बाद हिंदीभाषी लोगों के गुजरात से बाहर जाने के बीच राज्य सरकार ने सोमवार को उनसे लौटने की अपील की। वहीं उत्तर भारतीय विकास परिषद के अध्यक्ष महेशसिंह कुशवाह ने दावा किया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के करीब 20 हजार लोग गुजराज से बाहर चले गए हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आ रहे हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने लोगों से हिंसा में शामिल नहीं होने की अपील की। वहीं राज्य सरकार ने प्रवासियों को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए कहा कि हमलों के संबंध में 431 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 56 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।

रूपाणी ने दावा किया कि पिछले 48 घंटों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस के गहन प्रयासों के कारण स्थिति नियंत्रण में है औैर पिछले 48 घंटों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है हिंदीभाषी प्रवासियों की सुरक्षा के लिए गुजरात के औद्योगिक इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

उन्होंने राजकोट में संवाददाताओं से कहा, ”हम कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और परेशानी की स्थिति में लोग पुलिस को बुला सकते हैं। हम उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएंगे।” उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों- क्रमश: योगी आदित्यनाथ और नीतीश कुमार तथा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने रूपाणी से बात की और हमलों को लेकर चिंता जतायी।

पुलिस ने बताया कि 28 सितंबर को साबरकांठा जिले में 14 महीने की एक बच्ची के साथ कथित बलात्कार के बाद छह जिलों में हिंदीभाषी लोगों पर हमलों की कई घटनाएं हुयी हैं। पुलिस ने इस घटना के संबंध में बिहार के एक श्रमिक रवींद्र साहू को गिरफ्तार किया है।

20 हजार लोग गुजरात से बाहर

उत्तर भारतीय विकास परिषद के अध्यक्ष महेशसिंह कुशवाह ने दावा किया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के करीब 20 हजार लोग गुजरात से बाहर चले गए हैं।

निशाने पर अल्पेश

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया और नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के एक नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर आरोप लगाय कि गुजरात में बिहार के लोगों के खिलाफ हिंसा के लिए उनकी पार्टी दोषी है।

जदयू प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने आरोप लगाया, ” आपने गुजरात के कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर को बिहार कांग्रेस का सहप्रभारी नियुक्त किया और उनकी सेना (गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना) बिहार के लोगों को गुजरात से बाहर करने में जुटी है।”

विपक्षी कांग्रेस का नाम लिए बिना प्रदेश के गृह मंत्री प्रदीपसिंह जडेजा ने कहा कि यह पता लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं कि क्या ये (हमले) उन लोगों की साजिश है जो 22 साल से गुजरात की सत्ता से बाहर हैं।

डाउनलोड करें Hindi News APP और रहें हर खबर से अपडेट।

loading...

उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उन लोगों को सुरक्षा मुहैया कराए जो दूसरे प्रांतों से रोजगार के लिए गुजरात आते हैं। उन्होंने हिंसा के कारण भाग गए लोगों से राज्य में लौटने की अपील की।

जडेजा ने कहा कि प्रवासियों की सुरक्षा के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। जडेजा ने गांधीनगर में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि स्थिति पर नियंत्रण के लिए गुजरात सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से केंद्र को अवगत करा दिया गया है।

अल्पेश ने समुदाय के युवकों को फंसाने का लगाया आरोप

पुलिस ने हमलों के सिलसिले में ठाकोर सेना के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है और कई प्राथमिकियों में संगठन का भी नाम लिया गया है। संगठन के अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने आरोप लगाया है कि समुदाय के युवकों को फंसाया जा रहा है। अल्पेश ठाकोर ने घोषणा की है कि इन हमलों के मद्देनजर उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज किये गए ‘झूठे मामलों’ को यदि सरकार ने वापस नहीं लिया तो वह 11 अक्टूबर से ‘सद्भावना’ उपवास करेंगे।

उन्होंने ट्वीट किया है कि हम नहीं चाहते की राज्य में विपदा खड़ी हो, और हम ऐसी किसी भी हरकत को बढ़ावा नहीं देंगे। कल ‘गुजरात बंद’ जिन्होंने भी घोषित किया है उन्हें अपील करता हूं की राज्य की मुश्किलों में बढ़ावा न करे, और बंद को मोकूफ रखे।

मायावती ने मोदी पर साधा निशाना

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा कि यह दुख की बात है कि वाराणसी से मोदी को जीताने वाले लोगों को गुजरात में निशाना बनाया जा रहा है। गुजरात में बीजेपी सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इससे पहले हमले को कांग्रेस नेता संजय निरूपम पीएम मोदी पर इसी तरह का तंज कसा। कांग्रेस नेता ने कहा, पीएम मोदी को यह नहीं भूलना चाहिए कि कल को उन्हें वोट मांगने के लिए वाराणसी ही जाना है। न्यूज़ एजेंसी एएनआी के मुताबिक, संजय निरूपम ने कहा, ‘पीएम के गृह राज्य (गुजरात) में अगर यूपी, बिहार और एमपी के लोगों को मार-मार के भगाया जाएगा तो एक दिन पीएम को भी वाराणसी जाना है, ये याद रखना। वाराणसी के लोगों ने उन्हें गले लगाया और पीएम बनाया था।

क्या कहते हैं नीतीश कुमार और योगी आदित्यनाथ ?

नीतीश कुमार ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की निंदा की और कहा कि अपराध करने वाले को निश्चित तौर पर दंडित किया जाना चाहिए। लेकिन अन्य लोगों के संबंध में समान धारणा नहीं रखनी चाहिए।

नीतीश ने कहा, ”हमारी गुजरात के मुख्यमंत्री और वहां के मुख्य सचिव से बातचीत हुई है। हमारे मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक लगातार उनके संपर्क में हैं।”

आदित्यनाथ ने कहा कि रूपाणी ने उनसे कहा कि उनकी सरकार ने सभी के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की है तथा सबका स्वागत है। उन्होंने कहा कि गुजरात एक शांतिप्रिय राज्य है और वे लोग अफवाहें फैला रहे हैं जो वहां का विकास मॉडल पसंद नहीं करते।

क्या है मामला ?

गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 महीने की बच्ची से कथित तौर पर रेप के आरोप में बिहार के एक मजदूर की गिरफ्तारी के बाद वहां गैर गुजरातियों के खिलाफ हिंसा का माहौल बन गया है। सोशल मीडिया पर गैर गुजरातियों, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के खिलाफ नफरत भरे संदेश फैलाए जा रहे हैं जिसके चलते उन पर ये हमले हुए। गुजरात में बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। अब बाहरी लोगों में मॉब लिचिंग का डर बैठ गया है। लिहाजा जान बचाने के लिए वो गुजरात छोड़ने को मजबूर हैं।

न्यू इंडिया का विकास गया तेल बेचने !! गुजरात मे यूपी और बिहार वालो की पिटाई हो रही है, वहाँ से भगाया जा रहा है और गंगा माँ का गुजराती बेटा चुप है, क्यों ? भाजपा की सरकार के होते हुए भी गुजरात में गुंडागर्दी चल रही है, भाजपा कह रही है कि यही तो अच्छे दिन है।

चित्र में ये शामिल हो सकता है: 1 व्यक्ति

देश का संविधान सभी नागरिकों को देश के किसी भी हिस्से में जाकर रोज़ी-रोटी कमाने का अधिकार देता है, लेकिन ‘गुजरात मॉडल’ ना केवल मज़दूर विरोधी है बल्कि संवैधानिक मूल्यों के भी ख़िलाफ़ है। गांधी के गुजरात और मोदी के गुजरात में जमीन-आसमान का अन्तर है।

 

  •  
    62
    Shares
  • 62
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Related posts

Leave a Comment