दंगा करने वाले बीजेपी नेताओं के बेटा बेटी नही, बल्कि धर्म की आङ मे गुमराह दलित बलबीर और अशोक मोची है

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तीन चेहरों को जरूर याद करें ! बाबरी मस्जिद का पहला गुम्बद तोड़ने वाला एक दलित बलबीर चाँद था, जो आज मुफलिसी की जिन्दगी गुजार रहा है ! जाति से चमार यह आदमी परिवार के साथ सड़क पर खड़ा था ! कुछ मुसलमान भाईयों ने रहम करके इसकी आर्थिक मदद की ! आज यह इस्लाम कबूल करके एक सामान्य जिन्दगी जीने की कोशिश कर रहा है ! अतीत को याद करते हुए कहीं खो जाता है और तथाकथित हिन्दूवादी नेताओं को गरियाना शुरू कर देता है !

बाबरी मस्जिद का दूसरा गुम्बद तोड़ने वाला भी अशोक मोची गुजरात का हीं एक दलित युवक है ! वह भी जाति से चमार है ! बाबरी मस्जिद टूट जाने के बाद अशोक सिंघल और आडवाणी तो आबाद हो गये परंतु वह बर्बाद हो गया ! ऊना दलित उत्पीड़न के बाद वह जिग्नेश मेवाणी के साथ आ गया और आज कल जिग्नेश का झोला ढो रहा है !

तीसरा कारसेवक उत्तर प्रदेश का कारसेवक सुरेश बघेल जाति से खटीक है ! यह दलित युवक उस समय मात्र 23 साल का था ! बाबरी मस्जिद गिराने के लिए इसी ने जान पर खेल कर जिलेटिन की छड़ें उपलब्ध करायी, हजारों दलित नौजवानों के साथ आडवाणी जी के साथ गिरफ्तारी दी ! आज मायूसी से सूने आकाश की तरफ देखकर अतीत में खो जाता है और सहारनपुर हिंसा के हिन्दुत्त्व का क़हर याद करके अपनी पीठ सहलाने लगता है ! पत्नी मायके में गुजारा कर रही है, बच्चों का भविष्य खराब हो गया !

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ये बात कौन नहीं जानता कि कमंडल आंदोलन मूलतः मंडल आंदोलन को कुचलने के लिए शुरू किया था ? पिछड़ों के लिए 27% का जो आरक्षण सन 1990 में लागू हो जाना चाहिए था, वह अंशतः सन 1992 और 2005 में जाकर लागू हुआ ! वी.पी.सिंह की मोर्चा सरकार गिरा दी गयी, काशीराम और मुलायम सिंह को अलग किया गया ! सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करके लालू जी को राजनीति से बेदखल किया गया ! सी.बी.आई. का डर दिखाकर मुलायम और मायावती की आवाज बंद कर दी गयी, शिवपाल को खरीद कर अखिलेश यादव को कमजोर करने की कोशिश की गयी है ! केशव प्रसाद मौर्य को आगे करके कोईरी समाज का मतहरण किया गया है ! मुस्लिम भाईयों की मॉब लिंचिंग की गयी, शंभू रेगर नामक हत्यारे दलित को शंभू भवानी बनाने की कोशिश की गयी…आज जेल में वह अपने कुकर्मों की सजा भुगत रहा है और परिवार दर दर की ठोकरें खा रहा है ! अब भी सन 1992 की पुनरावृति की कोशिश की जा रही है – एकता जोशी

 

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