फेक खबर है बच्चे की बलि की तस्वीरें और वीडियो, पूरा खेल जादूगरी का है

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दो दिन से सोशल मीडिया पर एक बच्चे की बलि देकर जुलूस निकालने का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। अभी सारा देश अमृतसर ट्रेन हादसे से उबरा भी नहीं है कि फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब सभी जगह ये दर्दनाक फोटो और वीडियो वायरल हो रही है। इस फोटो में गांव के लोग बच्चे की कटी मुंडी का जुलूस निकाल रहे हैं।

घटना राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की बताई जा रही है। वायरल मैसेज में कहा जा रहा है कि यहां एक मासूम बच्चे की बलि दी गई है। गंगापुर इलाके में नरबली की खबर से हर कोई सन्न रह गया। फोटोज और वीडियोज सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं। दिल दहला देने वाले वीडियो और बच्चे की मौत से लोग हैरान हैं। फोटोज देख लोग गुस्से में हैं और वह बच्चे की बलि का विरोध कर रहे हैं।

क्या है मामला-  वीडियो में लोग एक बच्चे की कटी हुई गर्दन को थाली में रखकर जुलूस ले जाते दिख रहे हैं। वहीं गांव के लोग भी इसे श्रद्धा से हाथ जोड़कर देख रहे हैं। लोग बच्चे की कटी गर्दन पर फूल-प्रसाद चढ़ाते नजर आ रहे हैं। ये वीडियो और फोटोज परेशान कर देने वाले थे जिसके बाद पुलिस भी हरकत में आ गई और जांच की गई। फिर घटना की सच्चाई जानने की कोशिश की गई। क्या वाकई आज भी लोग बच्चे की बलि देकर जुलूस निकालने की वीभत्स घटना को अंजाम दे सकते हैं।

वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस तक मामला पहुंच गया। बच्चे की बलि की बात पर पुलिस हरकत में आई और संबधित गांव में पहुंची। मामले की पड़ताल के बाद माजरा कुछ और ही निकला। गांव के लोगों से जब इस बारे में पूछताछ की गई तो उनका कहना था कि यह तो जादू था। जादू सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। दरअसल यह वीडियो और फोटोज फेक हैं या नहीं इसका सच और झूठ जानना जरूरी था। ऐसे में लोगों का कहना था कि फोटोज और वीडियोज पूरी तरह सच हैं लेकिन कोई बलि नहीं दी गई।

गांव के लोगों ने बताया कि यह जादू है जिसमें बच्चे को मारा नहीं गया बल्कि नजरबंदी की गई। मान्यता के अनुसार, यहां हर साल नवरात्र में ऐसा कार्यक्रम किया जाता रहा है। वहीं उन्होंने बलि की बात का खंडन किया और इसे महज जादूगरी जैसा खेल बताया।

क्या है नजरबंदी –  दरअसल यह एक तरह का जादू है जिसमें गांव वालों ने बच्चे को जीवित ही लिटाया हुआ है। पर वह इस तरह किया गया है कि लोगों को उसका पूरा शरीर नहीं दिखेगा। यह जादूगरी का खेल है जिसे राजस्थान के कुछ गावों में आज भी किया जाता है। लोग इसे आस्था और परंपरा से जोड़ते हैं।

फेक निकली खबर पुलिस के मुताबिक गंगापुर क्षेत्र के सहाड़ा अंतर्गत आने वाले खाखला गांव वालों से पूछताछ की गई थी। इसके बाद पुलिस ने खबर को फर्जी बताया। यह भी साफ किया कि बच्चे की बलि नहीं दी गई। पुलिस के मुताबिक, यहां कोई बलि नहीं दी गई बल्कि महज जादूगरी जैसा खेल है। यह हाथ की सफाई वाला जादूगरी खेल है जिसमें लोग दंग रह जाते हैं। खेल देखकर लोग मरे को जिंदा और जिंदे को मरा हुआ दिखाते हैं।

वीडियो में जिस बच्चे की कटी हुई गर्दन दिखाई दे रही है वह बिल्कुल ठीक है। पुलिस ने उस बच्चे को भी गांव में जिंदा पाया तो खबर को फेक कहकर खारिज कर दिया।  खैर शुक्र है कि यह खबर फेक है वरना लोगों के दिल दहल उठे थे। सोशल मीडिया पर फेक खबरों और फोटोज की भी भरमार हो गई। लोग खबर की सत्यता जाने बगैरह तोड़-मरोड़ कर शेयर करते जाते हैं। इसलिए खबरों को शेयर करने से पहले सत्यता जाने लें ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों।

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सोशल मीडिया पर एक बच्चे की बलि देकर जुलूस निकालने का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। अभी सारा देश अमृतसर ट्रेन हादसे से उबरा भी नहीं है कि फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब सभी जगह ये दर्दनाक फोटो और वीडियो वायरल हो रही है। इस फोटो में गांव के लोग बच्चे की कटी मुंडी का जुलूस निकाल रहे हैं।

घटना राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की बताई जा रही है। वायरल मैसेज में कहा जा रहा है कि यहां एक मासूम बच्चे की बलि दी गई है। गंगापुर इलाके में नरबली की खबर से हर कोई सन्न रह गया।
फोटोज और वीडियोज सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं। दिल दहला देने वाले वीडियो और बच्चे की मौत से लोग हैरान हैं। फोटोज देख लोग गुस्से में हैं और वह बच्चे की बलि का विरोध कर रहे हैं।

क्या है मामला-

वीडियो में लोग एक बच्चे की कटी हुई गर्दन को थाली में रखकर जुलूस ले जाते दिख रहे हैं। वहीं गांव के लोग भी इसे श्रद्धा से हाथ जोड़कर देख रहे हैं। लोग बच्चे की कटी गर्दन पर फूल-प्रसाद चढ़ाते नजर आ रहे हैं।
ये वीडियो और फोटोज परेशान कर देने वाले थे जिसके बाद पुलिस भी हरकत में आ गई और जांच की गई। फिर घटना की सच्चाई जानने की कोशिश की गई। क्या वाकई आज भी लोग बच्चे की बलि देकर जुलूस निकालने की वीभत्स घटना को अंजाम दे सकते हैं।

आइये बताते है क्या है सच्चाई

वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस तक मामला पहुंच गया। बच्चे की बलि की बात पर पुलिस हरकत में आई और संबधित गांव में पहुंची। मामले की पड़ताल के बाद माजरा कुछ और ही निकला। गांव के लोगों से जब इस बारे में पूछताछ की गई तो उनका कहना था कि यह तो जादू था।
जादू सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। दरअसल यह वीडियो और फोटोज फेक हैं या नहीं इसका सच और झूठ जानना जरूरी था। ऐसे में लोगों का कहना था कि फोटोज और वीडियोज पूरी तरह सच हैं लेकिन कोई बलि नहीं दी गई।
गांव के लोगों ने बताया कि यह जादू है जिसमें बच्चे को मारा नहीं गया बल्कि नजरबंदी की गई। मान्यता के अनुसार, यहां हर साल नवरात्र में ऐसा कार्यक्रम किया जाता रहा है। वहीं उन्होंने बलि की बात का खंडन किया और इसे महज जादूगरी जैसा खेल बताया।

क्या है नजरबंदी –

दरअसल यह एक तरह का जादू है जिसमें गांव वालों ने बच्चे को जीवित ही लिटाया हुआ है। पर वह इस तरह किया गया है कि लोगों को उसका पूरा शरीर नहीं दिखेगा। यह जादूगरी का खेल है जिसे राजस्थान के कुछ गावों में आज भी किया जाता है। लोग इसे आस्था और परंपरा से जोड़ते हैं।

फेक निकली खबर

पुलिस के मुताबिक गंगापुर क्षेत्र के सहाड़ा अंतर्गत आने वाले खाखला गांव वालों से पूछताछ की गई थी। इसके बाद पुलिस ने खबर को फर्जी बताया। यह भी साफ किया कि बच्चे की बलि नहीं दी गई।
पुलिस के मुताबिक, यहां कोई बलि नहीं दी गई बल्कि महज जादूगरी जैसा खेल है। यह हाथ की सफाई वाला जादूगरी खेल है जिसमें लोग दंग रह जाते हैं। खेल देखकर लोग मरे को जिंदा और जिंदे को मरा हुआ दिखाते हैं।
वीडियो में जिस बच्चे की कटी हुई गर्दन दिखाई दे रही है वह बिल्कुल ठीक है। पुलिस ने उस बच्चे को भी गांव में जिंदा पाया तो खबर को फेक कहकर खारिज कर दिया।
खैर शुक्र है कि यह खबर फेक है वरना लोगों के दिल दहल उठे थे। सोशल मीडिया पर फेक खबरों और फोटोज की भी भरमार हो गई। लोग खबर की सत्यता जाने बगैरह तोड़-मरोड़ कर शेयर करते जाते हैं। इसलिए खबरों को शेयर करने से पहले सत्यता जाने लें ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों।
साभार हरिभूमि
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