भृष्ट उद्योगपतियों को लोन देने वाली एसबीआई की पूर्व चेयरमैन को अंबानी ने बनाया अपना डाइरेक्टर

  • 1
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

आपको याद होगा SBI की इस चैयरमैन ने भ्रष्ट उद्योगपतियों को लोन दिया था इसको रिलायंस ने अपना डायरेक्टर बना लिया।

पूरी हिंदी मीडिया से यह खबर गायब है। आपको याद नही होगा इसलिए आपको याद दिलाने का यह उचित समय है कि स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य के कार्यकाल मे ही रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड  के साथ जियो पेमेंट्स बैंक एसबीआई के साथ ज्‍वाइंट वेंचर में एक्टिव पार्टनर बन गया था।

जियो पेमेंट बैंक में एसबीआई की सिर्फ 30 फीसदी हिस्सेदारी दी गयी जबकि 70 फीसदी हिस्सेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज को दे दी गयी थी गजब की बात तो यह है कि जियो पेमेंट बैंक लिमिटेड को नोटबंदी के ठीक दो दिन बाद ही 10 नवंबर 2016 को आधिकारिक तौर पर निगमित किया गया था इस समय मार्केट में मिल रहे तगड़े कॉम्पिटिशन के बावजूद एसबीआई का पेमेंट स्पेस में 30% मार्केट शेयर है एक तरह से थाली में सजाकर एसबीआई के कस्टमर को जिओ को परोस दिया गया था, यह कमाल अरुंधति भट्टाचार्य जी ने ही किया था।

डाउनलोड करें Hindi News APP और रहें हर खबर से अपडेट।

loading...

अरुंधति मैडम द्वारा जियो पेमेंट बैंक को एसबीआई के बड़े नेटवर्क का फायदा जो दिलवाया गया उस अहसान को आज मुकेश अम्बानी ने चुका दिया है। यह बिल्कुल इस हाथ ले और उस हाथ दे वाला मामला है।

कुछ समय पहले सिर्फ कागजों में बन रहे जिओ इंस्टिट्यूट को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिया था उसके पीछे की असली वजह यह थी कि जिन्होंने ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ की नीति बनाई थी वह विनय शील ओबरॉय जी मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में मार्च 2016 में एचआरडी सेक्रटरी थे और वही रिटायरमेंट के तुरंत बाद रिलायंस में एजुकेशन के क्षेत्र में एडवाइजर के पद पर जॉइन हो गए थे ओर उन्होंने ही पूरा प्रजेंटेशन तैयार करवाया था।

इतना खुले आम भ्रष्टाचार हो रहा है लेकिन मजाल है कि गोदी में बैठा हुआ मीडिया इसके खिलाफ तो छोड़िए, इस बात को ढंग से रिपोर्ट कर देना तक जरूरी नही समझ रहा है – गिरीश मालवीय

  •  
    1
    Share
  • 1
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Related posts

Leave a Comment