किसानों को आय दुगुनी करने का झांसा देने वाले मोदी ने किसानो पर कराया दोगुना लाठीचार्ज

किसानों के आसूं से सरकार बदल जाते हैं। मोदी सरकार तो खून बहा रहा है। फिर भी देश किसान के दर्द को नहीं समझ रहा है।किसानों की समस्याओं को समझने के लिए एक दिन किसान बनकर देखिये। मान लीजिये एक छोटा किसान है, जो धान की फसल लेता है और जिनके पास सिर्फ दो एकड़ जमीन है। असिंचित भूमि होने की वजह से वे बरसात की पानी पर ही निर्भर है। मानसून आता है ,किसान घर में रखे बीज या सहकारिता समिति से बीज खरीदकर धान की बोवाई करता है…

पुरुष औरत को सेक्स पूर्ति की वस्तु समझता है फिर चाहे वह पत्नी हो गर्लफ्रेंड हो या बाजार से खरीदा हुआ जिस्म

हमारे भारतीय समाज में पुरुष औरत को सेक्स पूर्ति की वस्तु समझता है फिर चाहे वह पत्नी हो…गर्लफ्रेंड हो या बाजार से खरीदा हुआ जिस्म हो। शरीर में सिर्फ टांगों के बीच की जहग ही मायने रखती है, अधिकतर लोगों के लिए। यूं तो विवाह दो जिस्मों के मिलन के साथ साथ दो आत्माओं का मिलन भी कहा जाता है…पर, यकीन मानिए सिर्फ कहा ही जाता है…होता नहीं है ऐसा। क्योंकि पुरुष द्वारा पत्नी पर खुद को थोप दिया जाता है। मैं यह नहीं कहती कि सेक्स की आवश्यकता औरत…

पूरी दुनिया में कोई दूसरा गांधी क्यों नहीं बन सका ?

गांधी - mohan das karam chand gandhi is not anyone other

आज गांधी का दिन है, अहिंसा में विश्वास करने वालों का दिन है,  गांधी के बारे में बहुत कुछ लिखा गया उल्टा भी और सीधा भी ,गांधी ने भी खूब लिखा ,इसलिए बेफिक्र रहिये कि उनको मिटाने की कोशिश चाहे जो जितनी भी कर ले ,मिटा नहीं पायेगा, मुझे मोहब्बत है गांधी से ये मैं मानता हूँ ,हम गांधी को इसलिए मानते हैं क्योंकि हम गांधी से असहमत हो सकते हैं ,वे उन्ही अक्षरों में से मुस्कुराकर हमारी असहमति को स्वीकार कर लेते हैं ,वे हमको जबरन धमकाते नहीं हैं…