आर्थोस्कोपी तकनीक से हुआ मल्टिपल लिगामेंट नी ज्वाइंट का इलाज

o   इलाज के एक दिन बाद ही मरीज का बिना किसी सहारे चलना फिरना हुआ संभव लखनऊ 14  फरवरी 2019 आर्थोस्कोपी तकनीक के ज़रिये रेडियस ज्वाइंट सर्जरी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मल्टिपल लिगामेंट नी इंजरी से ग्रस्त मरीजका बिना चीरा लगाए सफलतापूर्वक इलाज कर इस गंभीर समस्या से निजात दिलाई। यह प्रक्रिया जोड़ो के क्षतिग्रस्त भीतरी हिस्से का इलाज करने केलिए की जाती है जिसमे गंभीर रूप से ग्रस्त लिगामेंट का इलाज एक आर्थोस्कोप की सहायता से किया जाता है। मरीज लखनऊ के जानकीपुरमएक्सटेंशन का निवासी है। तीन घंटे तक चलने वाली यह सर्जरी रेडियस ज्वाइंट सर्जरी हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, डॉक्टर संजय श्रीवास्तव केसाथ डॉ0  मनीष पांडे,  डॉ0  शिशिर, एनेस्थेटिस्ट द्वारा छोटा सा छेद कर दूरबीन की मदद से की गई। रेडियस ज्वाइंट सर्जरी हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ संजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा, “ जोड़ो के जटिल बनाव के कारण मल्टिपल लिगामेंट नीइंजरी की यह सर्जरी एक चुनौतीपूर्ण सर्जरी रही। अमूमन इस तरह की इंजरी खेल, उचाई से गिरने से या फिर किसी एक्सिडेंट के चपेट में आ जाने सेहोती है। एक दुर्घटना के बाद घुटने में अंदरूनी चोट लगने तथा बैलेंस ना बन पाने के कारण मरीज चलने में असमर्थ था और पिछले कुछ हफ्तों से बिस्तर परथा। मरीज इसके इलाज के लिये काफी दिन से प्रयासरत था। किन्तु उसे कहीं से त्वरित इलाज नहीं मिला। मरीज को तब रेडियस ज्वाइंट सर्जरीहॉस्पिटल में रेफर किया गया, जहाँ पर आर्थोस्कोपी तकनीक के ज़रिये उसकी सर्जरी की गई। इस जटिल सर्जरी के पश्चात इलाज के दूसरे दिन से हीमरीज स्वयं बिना किसी सहारे के चलने फिरने में सक्षम रहा।

क्रिसमस डिजीज से पीड़ित 40 घंटे के नवजात को मिली नयी जिंदगी

लखनऊ 13 फरवरी 2019 अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक्स डा0 मृत्युंजय कुमार के साथ डा0 शेफालिका, डा0 इंद्रपाल, डा0 शिवानी व डा0 सिद्धार्थ की टीम ने दो दिन के हीमोफिलिया से पीड़ित नवजात शिशु का सफल इलाज करते हुये उसे नयी जिंदगी प्रदान की। अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ सुशील गट्टानी ने इस बेहद मुश्किल इलाज के बारे में बताते हुये कहा कि हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि ये सर्जरी किसी व्यस्क की नहीं बल्कि दो दिन के नवजात शिशु की होनी…

अपोलो-मेडिक्स ने सीएमएस में सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई

लखनऊ 21 जनवरी 2019 पीरियड्स यानी माहवारी एक ऐसा विषय है जिसके संबंध में आज भी हमारे समाज में खुलकर बात नहीं की जाती है। आज भी पीरियड्स के संबंध में लोगों का ज्ञान आधा-अधूरा ही है। यह बात आज अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल के संस्थापक डॉ0 सुशील गट्टानी ने सिटी मोन्टेसरी स्कूल की गोमतीनगर एक्सटेंशन शाखा में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के दौरान की कही। अपोलो मेडिक्स और पन्थलासा एनजीओ की सीईओ व संस्थापक, श्री मृणालिनी मित्रा ने स्कूल में सैनेटरी नैपकिन वैंडिग मशीन की स्थापना की। अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी…

अपोलोमेडिक्स द्वारा हुआ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

लखनऊ 13  जनवरी 2019: गुरु गोबिंद सिंह जयंती के उपलक्ष में अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल ने 13 जनवरी को प्रातः 11 बजे से 3 बजे तक गुरुद्वारा नाका चैराहा और  गुरूद्वारे के पास स्थित डीएवी कॉलेज के पास स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। दिवसीय शिविर के दौरान, लखनऊ के आशियाना स्थित अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के चिकित्सकों द्वारा अलग-अलग रोगों के मरीजों की सघन जांच किया तथा लगभग 500 मरीज़ो को नि: शुल्क परामर्श प्रदान किया। शिविर के दौरान अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ राहुल यादव (  यूरोलौजिस्ट),…

ओरल कैंसर पर सेमीनार का आयोजन

लखनऊ 19  नवंबर 2018: अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बीबीडी( बाबू बनारसी दास युनिवर्सिटी) लखनऊ  में मौखिक स्वच्छता (ओरल हाइजीन) पर ध्यान केंद्रित करते हुए ओरल कैंसर व टयुमर  की पहचान और उपचार पर एक कार्यक्रम और वैज्ञानिक सत्र का आयोजन किया। यह सत्र डॉ० हर्षवर्धन आत्रेय, ओन्को सर्जन, अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल और डॉ० नरवेश कुमार, (न्यूक्लिअर चिकित्सा, पीईटी-सीटी और  रेडियो न्यूक्लियर थेरेपिस्ट, अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी अस्पताल) द्वारा संबोधित किया गया था। सेमिनार में कैंसर के बारे में नवीनतम उपचारों को लेकर भी जानकारी दी गई। अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के ओन्को सर्जन, डॉ०…

मोदी सरकार डिसकैलकुलिया नामक बीमारी से ग्रसित है यानि गणित की गणना में अक्षम।

मोदी सरकार पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की लगातार बढती कीमतों पर जिस तरह के गणित का प्रयोग कर जनता को गुमराह कर रही है उससे उनकी सरकार को डिसकैलकुलिया नामक बीमारी का यानि गणना करने में असक्षमता का पता चलता है। ( Dyscalculia = Math Learning Disabilities ) डिसकैलकुलिया (गणित की समस्या) क्या है ? डिसकैलकुलिया, सीखने से जुड़ी एक विशिष्ट विकलांगता है जिसमें बच्चा अंकों के बारे में बुनियादी बातें याद नहीं रख पाता है और गणित के सवालों को बहुत देर से समझता है या ग़लत करता…

एन्टीडिप्रसेन्ट एक प्रकार की दवाई है जो कि डिप्रेशन के लक्षणों से छुटकारा देती हैं।

एन्टीडिप्रसेन्ट एक प्रकार की दवाई है जो कि डिप्रेशन के लक्षणों से छुटकारा देती हैं। यह 1950 में पहली बार विकसित की गई थी और तब से नियमित रूप से प्रयोग में आ रही है। आज लगभग 30 विभिन्न प्रकार की एन्टीडिप्रसेन्ट उपलब्ध है। और ये पाँच टाइप की सबसे मुख्य प्रकार की है – 1. SSRI (सेलेक्टिव सेरेटोनिन री-अपटेक इनहिबिटर) 2. SNRI (सेरेटोनिन एण्ड नारएड्रीनलीन री-अपटेक इनहिबिटर) 3. NASSA (नारएड्रीनलीन एण्ड स्पेसिफिक सेरेटोनिनर्जिक एन्टीडिप्रेसेन्टस) 4. MAOI (मोनो एमीन आक्सीडेज इनहिबिटर) 5. TRICYCLIC ट्राइसाइक्लिक ये किस तरह कार्य करती है…