भारत ने पहुंचाई रोहिंग्या मुसलमानों की मदद के लिए बांग्लादेश को राहत सामग्री

india sent aids to rohingya muslim in bangladesh

भारत ने हिंसा के कारण म्यामार छोड़कर बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों में ठहरे रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थियों के लिए सोमवार को बांग्लादेश को 11 लाख लीटर से अधिक केरोसिन तेल और 20,000 स्टोव समेत राहत सामग्री पहुंचाई. म्यामार से बड़े पैमाने पर रोहिंग्याओं के आ जाने से मुश्किल स्थिति में फंस गए बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने और म्यामार पर इस मुद्दे का समाधान करने के लिए दबाव डालने का आह्वान किया है. पिछले साल अगस्त से 7,00,000 रोहिंग्या मुसलमान म्यामार के रखाइन प्रांत से भागकर बांग्लादेश चले गए. बांग्लादेश में…

नेताओं का दिशाहीन संवेदनहीन होना देश के लिये जितना नुकसानदायक है, जनता का दिशाहीन और संवेदनहीन उससे कहीं ज़्यादा घातक  

मौसम चाहे सर्द हो या गर्म, बसंत का हो या पतझड़ का चाहे मॉनसून ही क्यूं ना हो, मेरे देश में हवा बहुत तेज़ बहती है यहां वजनदार से वजनदार मुद्दों का खुद को टिका पाना टेढ़ी खीर है। कहते हैं जिस दिन अख़बार में पढ़ने लायक कोई ख़बर ना छपे तो अख़बार की कीमत डूबने का दुःख आपके पेट में मरोड़े मारने लगता है, बजाय इसके कि चलो कोई एक दिन तो बिना जद्दोजहद के निकला। वो साईकिल में अपनी बीवी की लाश ढोता आदमी, अस्पताल में बेसिक सुविधा…

अनूप जलोटा जैसे शख्स को बिगबॉस का हिस्सा नहीं बनना चाहिए था

अव्वल तो अनूप जलोटा जैसे उम्र दराज़ और लोगों के बीच बाकमाल भजनों की वजह से जगह बनाने वाले शख्स को बिगबॉस जैसे शो का हिस्सा नहीं बनना चाहिए था। बिगबॉस में होना मतलब कंटेस्टेंट कोघण्टे के हिसाब से दर्जन गालियां उगलनी होंगी और सर फटने की अवस्था व्यवस्था तक चीख चीख के बताना होगा कि वो किसी के बाप से कम नहीं। अनूप जी भी इंसान की तरह मनी माता के मोह से नहीं बच सके और आ गए, आ ही गए तो मैं क़भी क़भी नज़र डालने वाली…

मोदी जी ने देश को डाला आर्थिक संकट के भंवर में, फर्जी आकङो से कर रहे है गुमराह।

कल वित्तमंत्री जेटली ने जो कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों-बैंक आफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का आपस में विलय किया जाएगा, यह भारतीय अर्थव्यवस्था के पर बढ़ते NPA का ही परिणाम है पानी अब ठीक नाक तक आ पहुचा हैं। इस विलय से यह प्रमाणित हो रहा है कि बैंकों में बढ़ते NPA की समस्या अब विकराल रूप धारण कर चुकी है और कुल 21 सार्वजनिक बैंको को मिलाकर सरकार द्वारा सिर्फ 4 या 5 बड़े बैंक बनाना ही आखिरी उपाय नजर आ रहा है…