रक्षा सौदों में चोरी करते हुए पकड़े जाने के बाद मोदी कह रहे है कि मै भी चौकीदार, मतलब साफ है कि ये सर्टिफाइड चोर है।

जब कोई प्रधानमंत्री अपने को चौकीदार बताता है और रक्षा सौदों में चोरी करते हुए पकड़ा जाता है, तो राजनीति में ‘चौकीदार चोर है’  चौकीदार चोर है नारे से एक ही बात प्रेषित होती है कि प्रधानमंत्री चोर है। ऐसे में अगर मोदी जी को यह भ्रम है कि वह अपने पूरे दल को चौकीदारों का दल घोषित करके प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पहचान को गायब कर देंगे और लोग उन्हें सचमुच छोटी-मोटी तनख्वाहों से बमुश्किल गुजारा करने वाला चौकीदार ही मानने लगेंगे तो यह उनका झूठे प्रचार की अपनी क्षमता पर पागलपन की…

बिस्कुट बेचने वाला जब चैनल चलाने लगेगा तो वो बिकेगा ही, पुण्य प्रसून बाजपेयी को हटाने के लिए बीजेपी ने दिये 250 करोङ रुपये

पुण्य प्रसून वाजपेयी को चैनल से हटाने की कीमत दी गई 250 करोड़। ये कीमत दी गई ताकि मोदी सरकार के हाहाहूती प्रचार अभियान के सामने देश की ज़मीनी हक़ीक़त आईना बन कर न खड़ी हो जाए। प्रसून और उनकी टीम यही ‘अपराध’ कर रही थी। सरकार के अपने आँकड़ों के आलोक में असली भारत में फैले अँधेरे को दिखा रही थी। सत्ता के शूटरों ने चैनल के मालिक के सामने ‘बंदूक और नोटों की गड्डी’ रख दी। मालिक ने गड्डी उठाई और पूरी टीम को जाने का फरमान सुना…

चौकीदारों से मोदी संवाद के कवरेज़ को लेकर चैनलों की चतुराई चुनाव आयोग को नहीं दिखी

चौकीदारों से मोदी संवाद के कवरेज़ को लेकर चैनलों की चतुराई भी देखे चुनाव आयोग प्रधानमंत्री मोदी ने रेडियो के ज़रिए चौकीदारों से बात की। कार्यक्रम रेडियो का था मगर उसे टीवी के लिए भी बनाया गया। इसे सभी न्यूज़ चैनलों पर लगातार दिखाया गया। सभी चैनलों पर एक ही कवरेज़ रहा और एक ही एंगल से सारे वीडियो दिखे। किसी चैनल ने अपने दर्शकों को नहीं बताया कि स्क्रीन पर जो वीडियो आ रहा है, वो किसका है। बीजेपी की तरफ से प्रसारित हो रहा है या न्यूज़ एजेंसी…

जब आपको किसी पत्रकार की ज़रूरत पड़ेगी तो उसके नहीं होने की वजह आपकी ही चुप्पी ही होगी।

चिराग पटेल का जलना और प्रसून का निकाल दिया जाना व्हाट्स एप के इनबाक्स में अहमदाबाद के पत्रकार चिराग पटेल की ख़बर आती जा रही है। चिराग का शरीर जला हुआ मिला है। पुलिस के अनुसार चिराग पटेल की मौत शुक्रवार को ही हो गई थी। मगर उसका जला हुआ शरीर शनिवार को मिला है। चिराग पटेल TV9 न्यूज़ चैनल में काम करता था। अभी तक चिराग पटेल की हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। आत्महत्या को लेकर भी जांच हो रही है। अहमदाबाद मिरर अख़बार ने…