मोदी सरकार की एक और संगठित लूट IL&FS, इस घोटाले मे अभी तक न FIR हुई और न जाँच के आदेश गिरफ्तारी तो दूर की बात

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क्या आपने Mayatas Infra Saudi Arabia कम्पनी का नाम सुना है ? ये IL&FS की ही कम्पनी है..इसके सबसे बड़े शेयर होल्डर का नाम है Bin Laden Corporation जो ओसामा के पिता की कम्पनी है..बस यही से IL&FS और राष्ट्रवाद की कहानी शुरू कर रहे है।

IL&FS कितना बड़ा है ? भारत के कमर्शियल पेपर मार्केट का 2% हिस्सा, डिबेंचर मार्केट का 1% हिस्सा और टोटल बैंक लोन का 0.7% हिस्सा..समझे ?

1987 में बनी IL&FS भारत का गर्व थी 2014 तक..चेन्नई-नाशरी और जम्मू-लदाख सुरंग जैसी 10,000 करोड़ की योजना IL&FS ने ही पूरी की कांग्रेस के वक्त..पर 2015 के बाद लूटने की योजना बना ली गई।

सबसे पहले Intangible Asset यानी गुडविल की वैल्यू बढ़ा दी..2014 में गुडविल थी 16,091 करोड़ ₹ और 2018 में 30,654 करोड़ ₹..डिफरेंस का पैसा केवल कागज में और असली पैसा निकाल लिया।

IL&FS की कमाई है 6000 करोड़ ₹ और लोन 91,000 करोड़ ₹..वैसे पूरा लोन है 1.20 लाख करोड़ ₹..यानी कमाई लोन का 5% ही है।

IL&FS ने खुद के 1₹ पर 23₹ कर्ज लिया 2014 के बाद..और जेटली राहुल को गाली देता है? बेशर्मी, बेईमानी और नीचे गिरने की कोई हद ही नही।

2014 में IL&FS की सब्सिडियरी जॉइंट वेंचर की संख्या थी 4 और 2018 में 75..ये पैसा निकालने के लिए बनाई गई सुरंगे थी असल मे..ये एक आपराधिक काम था।

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1987 – 2014 तक IL&FS का लोन था 48,000 करोड़ 2014-18 में लोन लिया 42,000 करोड़ ₹..यानी घोटाला मोदी का..

42,000 करोड़ का किया क्या ? फिक्स्ड एसेट – 26,391 करोड़ लोन दिया – 3677 करोड़; गिरवी – 6264 करोड़; वर्किंग कैपिटल – 6904 करोड़..सब स्वाहा हो गया ।

करेंट एसेट – 31,000 करोड़ और करेंट लायबिलिटी – 37,000 करोड़..एक मिनिट भी IL&FS चल कैसे सकती है ?

IL&FS के शेयरहोल्डर : 40% सरकार, 36% विदेशी निवेशक..डायरेक्टर में SBI, CBI, LIC, Orix, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट, HDFC, LIC के 2 पूर्व चेयरमैन..सबको तिहाड़ क्यों नही भेजा?

और जो 6 नये डायरेक्टर बनाये उसमे से कितने माल्या की किंगफ़िशर में भी डायरेक्टर रहे है ? पूरे देश ने यही लोग मिले मोदी को? नीरव, माल्या या मेहुल भी फिर क्या बुरे थे ?

भारत की सारी रेटिंग एजेंसी को तुरंत बंद किया जाए..2015 से ये घोटाला चल रहा है और उन्हें कुछ मालूम नही ? 2 महीने में 4 बार रेटिंग बदल कर सबको गुमराह किसके कहने पर किया ?

IL&FS घोटाला एक संगठित लूट है मोदी सरकार का..सोचिये इतना बड़ा घोटाला पर आजतक एक FIR नही और कोई गिरफ्तारी नही..बर्बादी का आलम वो होगा इस घोटाले का की आप सोच भी नही सकते।

IL&FS पर अभी और खुलासे करूगा


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