पीएम मोदी 130 करोङ लोगो की आखों मे धूल झौकने मे पूरी तरह सफल

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देश के सवा अरब लोगों की आँख में नरेंद्र मोदी सरेआम धूल झोंक रहे हैं और 4 साल में 5000 करोड़ लेकर गोदी मीडिया मोदी मोदी कर रही है लेकिन विदेशी मीडिया का एक रिपोर्ट ही इस सरकार को कटघरे में ले आता है।

फ्रांस के न्यूज़ पोर्टल ‘मीडियापार्ट ‘ के नए खुलासे से फिर से भारत में हड़कंप मचना तय है। ‘मीडियापार्ट’ ने लिखा है दसॉल्ट एविएशन को राफेल विमान का सौदा लेने के लिए अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस के साथ मजबूरी में समझौता करना पड़ा था, क्योंकि इस कंपनी को उसके सामने ‘ट्रेड ऑफ’ यानी लेन-देन की शर्त के तौर पर रखा गया था।

राफेल सौदे से जुड़ा एक दस्तावेज़ इस न्यूज़ पोर्टल के हाथ लगा है। दस्तावेज से पता चला है कि दसॉल्ट को राफेल विमान का सौदा हासिल करने के लिए रिलांयस डिफेंस को अपने भारतीय साझीदार के रूप में लेना ही पड़ा, क्योंकि यह करना उसके लिए ‘अनिवार्य और आवश्यक’ था। यह बात दसॉल्ट एविएशन के डिप्टी सीईओ लोइक सेगालेन ने उस समय अपने कर्मचारियों के सामने स्पष्ट कर दी थी जब मई 2017 में उन्होंने रिलायंस डिफेंस के साथ नागपुर में दसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस नाम से संयुक्त उपक्रम लगाने का ऐलान किया था।

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यह जानकारी उस दस्तावेज़ से मिली है जो दसॉल्ट के स्टाफ ने तैयार किया है। यानी फ्रांस्वां ओलांद की वह बात भी सच साबित हुई है , जिसमें कहा गया था कि भारत सरकार ने ही अनिल अम्बानी (रिलायंस डिफेंस ) को इस डील में पार्टनर बनाने को कहा था। अब मोदी के पास देश को बोलने के लिए और कोई झूठ बाकी नहीं रह गया है।

सुप्रीम कोर्ट में केस होने और दस्तावेज तलब करने के बावजूद रक्षा मंत्री का फ्रांस दौरा इस रिपोर्ट के आने के बाद नाकाम साबित हुआ है। सुप्रीम कोर्ट को देने के लिए इस सरकार के पास न बंद लिफाफे में कुछ है न खुले लिफाफे में। इधर गोदी मीडिया आज फिर से मंदिर ,मुस्लिम ,कश्मीर और पाकिस्तान पर डिबेट करेगी ,पर आप लगे रहिये – विक्रम सिंह चौहान

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