जो हमसे टकराएगा, वो छुट्टी पर ही जाएगा – सीबीआई

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भ्रष्ट लोगो को बचाने के लिए सीबीआई मोटी रिश्वत लेती है आज उसने कहा – राकेश अस्थाना “जांच की आड़ में वो वसूली रैकेट” चलाते थे. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस रैकेट में डीएसपी देवेंद्र कुमार भी शामिल थे.

दिल्ली की एक कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि उसने एफ़आईआर में वसूली से जुड़े मामलों का भी ज़िक्र किया है. अस्थाना के ख़िलाफ़ कार्रवाई में सीबीआई ने उनके सारे अधिकार वापस ले लिए हैं. सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कथित मुलाक़ात के अगले दिन यह कार्रवाई की गई है.

सीबीआई निदेशक ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राकेश अस्थाना को उनके होम काडर गुजरात वापस भेजने की अनुशंसा की है. उधर, राकेश अस्थाना अपने ख़िलाफ़ दायर एफ़आईआर को रद्द करने के लिए मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे. जिसके बाद कोर्ट ने अस्थाना के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है, हालांकि उन्हें गिरफ्तारी से फौरी राहत मिल गई है.

सोमवार तक उनकी गिरफ़्तारी नहीं की जा सकेगी. मामले में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी. दूसरी तरफ गिरफ़्तार डीएसपी देवेंद्र कुमार को सात दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया है.

कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला 

सीबीआई में मचे हंगामे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ”मोदी सरकार ने सीबीआई की आजादी में ‘आखिरी कील’ ठोंक दी है. सीबीआई का व्यवस्थित विध्वंस और बदनामी अब पूरी हो गयी है. एक वक्त की शानदार जांच एजेंसी, जिसकी अखंडता, विश्वसनीयता और दृड़ता खत्म करने का काम प्रधानमंत्री ने किया.

रणदीप सुरजेवाला ने कहा – प्रधानमंत्री मोदी सीबीआई निदेशक को सीधे बर्खास्त नहीं कर सकते इसलिए गुप्त रूप से और चुपके से करना चाहते हैं. मोदी सरकार और बीजेपी की गंभीर आपराधिक मामलों की जांच में बाधा डालने की आदत ही इन सबका का नतीजा है. संस्थान का बहिष्कार और नष्ट करन प्रधान मंत्री मोदी क एकमात्र एजेंडा है. सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर राजनीतिक विरोधियों को डराना और अवैध हस्तक्षेप कर सही जांच को भटकाना मोदी-शाह जोड़ी की जोड़ी का काम है. जिस वजह से सीबीआई में आज ये स्थिति हुई है.

क्या राफेल घोटाले में भ्रष्टाचार की जांच करने की वजह से CBI निदेशक को किया बर्खास्त ?

सुरजेवाला ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या राफेल घोटाले में भ्रष्टाचार की जांच करने में उत्सुकता दिखाने के कारण सीबीआई निदेशक को बर्खास्त किया गया है?

CBI स्टाफ को हेडक्वार्टर में जाने की इजाजत नहीं

एएनआई से बात करते हुए सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि सीबीआई निदेशक और विशेष निदेशक कार्यालयों में आज 2 बजे तक फाइलों या अधिकारियों की एंट्री नहीं होगी.

आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजना गैर कानूनी- प्रशांत भूषण

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आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने के फैसले को वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने गैर कानूनी बताया है. उन्होंने कहा कि आलोक वर्मा को हटाना गैर कानूनी है, इसलिए इस फैसले के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे.

डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के दफ्तर सील

डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को फोर्स लीव पर भेजे जाने के बाद उनके सीबीआई मुख्यालय स्थित दफ्तरों को सील कर दिया गया है.

करप्शन के आरोपों का सामना कर रहे CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिल गई है. 29 अक्टूबर तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी. CBI ने अपने ही स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में केस दर्ज किया था. जिसके बाद राकेश अस्थाना ने FIR को रद्द कराने के लिए हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

29 अक्टूबर को अस्थाना के आरोप पर सीबीआई डायरेक्टर जवाब देंगे. तब तक अस्थाना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी. हालांकि अस्थाना और मोइन कुरैशी मामले में जांच अफसर देवेंद्र कुमार के खिलाफ जांच जारी रहेगी.

सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने अपने ऊपर लगे रिश्वत के आरोप और FIR के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन उनकी अर्जी खारिज कर दी गई.

डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजा गया

सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा और और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के बीच जारी कलह पर केंद्र सरकार ने दखल दिया है. सरकार ने सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है. वर्मा की जगह एम. नागेश्वर राव को अंतरिम डायरेक्टर नियुक्त किया गया है.

राकेश अस्थाना-मोईन कुरैशी रिश्वत कांड में CBI की FIR में पढ़िए. आरोपी नंबर वन बनाया गया है राकेश अस्थाना को. आरोपी नंबर 2 देविंदर गिरफ्तार है. अस्थाना बाहर कैसे है?

चित्र में ये शामिल हो सकता है: पाठ

 

नरेंद्र मोदी का करीबी है इसलिए ?

15 अक्टूबर को सीबीआई ने अस्थाना और उसके साथियों पर नई दिल्ली में FIR संख्या 13 (A) दर्ज कराई. अस्थाना फरार भी नहीं है. फिर उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं.

बताना तो ये भी होगा कि सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा को नरेंद्र मोदी ने कल रात से काम से क्यों हटा दिया. उन पर क्या आरोप है? उन पर तो कोई FIR नहीं है. मैं नौकरशाही को जितना जानता हूं, उसके हिसाब से आलोक वर्मा में कई दोष हैं, लेकिन उन पर करप्शन का मामला तो नहीं है.

 


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