ओरल कैंसर पर सेमीनार का आयोजन

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लखनऊ 19  नवंबर 2018: अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बीबीडी( बाबू बनारसी दास युनिवर्सिटी) लखनऊ  में मौखिक स्वच्छता (ओरल हाइजीन) पर ध्यान केंद्रित करते हुए ओरल कैंसर व टयुमर  की पहचान और उपचार पर एक कार्यक्रम और वैज्ञानिक सत्र का आयोजन किया। यह सत्र डॉ० हर्षवर्धन आत्रेय, ओन्को सर्जन, अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल और डॉ० नरवेश कुमार, (न्यूक्लिअर चिकित्सा, पीईटी-सीटी और  रेडियो न्यूक्लियर थेरेपिस्ट, अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी अस्पताल) द्वारा संबोधित किया गया था। सेमिनार में कैंसर के बारे में नवीनतम उपचारों को लेकर भी जानकारी दी गई।

अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के ओन्को सर्जन, डॉ० हर्षवर्धन आत्रेय ने बताया कि यदि लक्षणों की पहचान और सही समय पर प्रारंभिक उपचार शुरू कर दें तो इस क्षेत्र में कई कैंसर के मामलों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। इस कार्यशाला के माध्यम से हमारा प्रयास कॉलेज के सभी सदस्यों को मौखिक कैंसर के विभिन्न रूपों की त्वरित पहचान के लिए पर्याप्त ज्ञान व सही विशेषज्ञ के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।

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अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के न्यूक्लिअर चिकित्सा, पीईटी-सीटी और रेडियोन्यूक्लाइड थेरेपिस्ट,  डॉ०  नरवेश कुमार ने कहा कि मौखिक स्वास्थ्य  समग्र स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मुंह के कैंसर में 90 फीसद लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। इसमें भी पान मसाले के साथ तंबाकू मिलाकर सेवन करना, खैनी खाने से मुंह के कैंसर के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। अब यह युवाओं में भी देखने को मिल रहा है। तम्बाकू के साथ खराब खानपान, जीवन शैली व तनाव के कारण भी ओरल कैंसर हो रहा है। कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से बचना चाहिए।


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