आज देश बाल बाल बच गया, 20 साल के 10 मुस्लिम लङके भयानक हमले की फिराक मे थे !

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आज देश बाल बाल बच गया, एक भयानक खतरा टल गया अब हिन्दू दो दिनो तक पार्को मे घूम चूम सकते है। दो दिन तक मीडिया को मसाला मिल गया।

एन आई ए  ने जिस आईएसआईएस के भारत में बहुत बड़े आतंकी हमले की साज़िश का पर्दाफ़ाश किया है, उसमें जो कुछ बेहद ख़तरनाक चीज़ें बरामद हुई हैं, वो है – दिवाली के सुतली बम , देसी बम और देसी कट्टे ( तमंचे ) जिसका इस्तेमाल आज कल मेरठ की गलियों के बदमाश भी नहीं करते।

ISIS अब देसी कट्टे और दिवाली के सुतली बम पर उतर आया है

एनआईए के आईजी आलोक मित्तल ने बताया ISIS का सीक्रेट मॉड्यूल से खतरनाक हथियारों का ज़ख़ीरा मिला है. उनके मुताबिक इस मॉड्यूल के निशाने पर प्रमुख प्रतिष्ठान और राजनेता थे. लेकिन देसी कट्टे और सुतली बम की बरामदगी जो इंडियन एक्सप्रेस की तस्वीर मे दिख रहे हैं पूरे मामले की गंभीरता पर सवाल खड़े करते हैं.

एक खूंखार अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी गिरोह हथियारों के साथ A 4 साइज़ का ISIS का पोस्टर भी रखेगा – बात हज़म नहीं होती है.

चुनावी माहौल में इस तरह की तमाम ख़बरे आती रहेंगी.

अभी NIA की प्रेस कांफ्रेंस देखी। कुछ मुख्य बाते और विवेचना।

दिल्ली के जाफराबाद मुस्लिम बहुल निम्न आय वर्गीय कालोनी यूपी के अमरोहा तथा कुछ अन्य स्थानों पर छापे मारे गए।

10 लड़के हिरासत में लिए गए जिनकी आयु 20 से 30 वर्ष है तथा निम्न मध्यम वर्ग के है। ( गुजारे लायक कमाते हैं)

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इनके पास से 12 देसी कट्टे, गोला बारूद बनाने का सामान, क़ई मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा एक देसी रॉकेट लॉन्चर ज़ब्त हुआ।

शेष अभी जांच हो रही हैं, जानकारी प्राप्त होते ही बता दिया जाएगा। इनका मॉड्यूल ऑफ अप्रेन्टिस आइसिस से प्रेरित था, तीन चार महीनों में ये फिदायीन ग्रुप बनाने वाले थे।

देसी रॉकेट लॉन्चर क्या होता है जनाब ?

शायद रॉकेट लॉन्चर ये एक पाइप को कह रहे हैं जैसा यदि याद हो तो गांव की शादियो में हवाई गोला छोड़ने के लिए पाइप होता था।

इस समाचार के बाद ट्रम्प और पुतिन की हथियार कम्पनिया आत्महत्या कर लेगी। देसी कट्टे किसी भी पष्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले के लिए हैरानी की चीज नहीं होनी चाहिये।

लगभग 6 लाख नकद मिलना जरूर हैरानी की बात है जबकि NIA के अनुसार सभी सेल्फ फंडिड थे और कुछ लड़कों ने घर का सोना बेचकर समान खरीदा।

मेरे विचार से इस ग्रुप में जो अमरोहा का सुहैल पकड़ा गया है ( NIA भी इसे मोटिवेटर कह रहा है ) उसकी मानसिकता में डर समा गया होगा या किसी कारणों से उसकी बुद्धि में क्रांतिकारी बनने का मतिभृम आ गया था तो उसने कुछ जवान लड़को को इकट्ठा किया और इसके बहाने धन इकट्ठा करने का जरिया बना लिया।

किसी भी होने वाले काल्पनिक हमले जैसा कि गिरिराज जैसे रैडिकल लोग धमकियां देते रहते है से बचने के लिए तैयारियां शुरू करने की मुहिम चला दी होगी।

हालांकि मीडिया में अपने सेवा धर्म के कारण इसे बहुत बड़ी घटना और दिल्ली को हिरोशिमा नागासाकी बनाने के दुःस्वप्न की तरह प्रस्तुत किया जाएगा।

बीजेपी के भक्त और घोषित आतंकी संगठन विहिप, बजरंग दल तथा अलगायदा गिरोह आदत के अनुसार बग़दादी की घुसपैठ, आतंक का साया जैसे शब्दों से चर्चाओं में हिस्सा।

प्रमोद पाहवा


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