स्मृति ईरानी को मोदी ने किस आधार पर शिक्षा मंत्री बनाया था जबकि इसकी शिक्षा ही संदेहास्पद है !

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श्रीमती स्मृति ईरानी जी,

आपने जब वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में चांदनी चौक से कपिल सिब्बल के खिलाफ चुनाव लड़ा था, तब आपने नामांकन पत्र में अपनी शैक्षणिक योग्यता बीए बताई थी और आपने ये बताया था कि यह डिग्री आपने 1996 में पूरी की थी

हालांकि यह भी सच है कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) प्रशासन ने पटियाला हाउस कोर्ट में इस मामले में हाथ जोड़ लिए थे और बताया था कि वर्ष 1996 में मंत्री द्वारा की गई बीए की पढ़ाई से संबंधित रिकॉर्ड उसे नहीं मिल रहा है।

लेकिन वर्ष 2011 में आपने जब 11 जुलाई को गुजरात से राज्यसभा के चुनाव में हलफनामा दाखिल किया था तो आपने बताया कि आपकी हायर एजुकेशन दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कॉरेस्पांडेंस से बी. कॉम पार्ट-1 है………

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इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनावों में अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ मैदान में उतरने समय शपथ पत्र में आपने ने अपनी एजुकेशन बीकॉम प्रथम वर्ष बताया है इस हलफनामे में आपने डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में पढ़ना बताया था इसका साल 1994 बताया है इस बार भी आपने यही बताया है शायद बीच मे कही आपने कहा था कि आपको विदेशी येल यूनिवर्सिटी की भी डिग्री प्राप्त हुई है।

यह क्या चमत्कार है मैडम………

चुनाव आयोग के समक्ष वर्ष 2004, 2011 और 2014 के लोकसभा और राज्यसभा चुनावों में दिए गए शपथपत्रों में अपनी शैक्षिक योग्यता अलग-अलग बताई है, जिसके कारण बालकों के मन मे संदेह उत्पन्न हो रहा है.

बालको का कहना है कि उनका मन अब पढ़ाई में नही लग रहा है कृपया उनका संदेह दूर करे – गिरीश मालवीय


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